कर्नाटक

हिंदी न बोलने पर डिलीवरी बॉय से मारपीट का आरोप

Kavita2
8 Aug 2026 2:54 PM IST
हिंदी न बोलने पर डिलीवरी बॉय से मारपीट का आरोप
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बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में भाषा को लेकर विवाद का एक और मामला सामने आया है। येलाहंका न्यू टाउन इलाके में एक 25 वर्षीय डिलीवरी बॉय ने कुछ लोगों पर उसके साथ बदसलूकी और डंडों से हमला करने का आरोप लगाया है। पुलिस के अनुसार, घटना शनिवार तड़के करीब 4:40 बजे की है। पीड़ित की पहचान बसवराज के रूप में हुई है।

बसवराज पढ़ाई के साथ-साथ एक क्विक-कॉमर्स डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर काम करता है। उसकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, विवाद भाषा को लेकर शुरू हुआ था। बसवराज का आरोप है कि उसे हिंदी समझ नहीं आती थी और जब उसने कन्नड़ में बात की तो उसके साथ कथित तौर पर अभद्रता की गई।

ऑर्डर पहुंचाकर लौट रहा था युवक

पुलिस के मुताबिक, बसवराज येलाहंका न्यू टाउन के फेज-4 इलाके में एक ऑर्डर पहुंचाने के बाद संतोष नगर की ओर जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में उसकी कुछ युवतियों से कहासुनी हो गई।

बसवराज ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि सड़क से गुजर रही कुछ युवतियों ने उसके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की। उसका कहना है कि उसे हिंदी समझ नहीं आती थी, इसलिए उसने युवतियों से कन्नड़ में पूछा कि वे उसे गालियां क्यों दे रही हैं।

शिकायत के अनुसार, बातचीत बढ़ने के बाद कथित तौर पर युवतियों ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया। बसवराज का आरोप है कि उसकी टोपी खींची गई और उस पर हमला करने की कोशिश की गई।

मदद के लिए 112 पर किया फोन

स्थिति बिगड़ती देख बसवराज ने पुलिस हेल्पलाइन 112 पर फोन किया। उसने अपने परिचित अशोक को भी घटना की जानकारी दी। शिकायत के मुताबिक, इसके बाद मौके पर कुछ और लोग पहुंच गए और विवाद और बढ़ गया।

बसवराज ने आरोप लगाया है कि वहां मौजूद लोगों के एक समूह ने उसके साथ मारपीट की और डंडों से हमला किया। घटना में उसे चोटें आने की बात सामने आई है। मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की।

हालांकि, घटना में शामिल दूसरे पक्ष की ओर से क्या कहा गया है, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस सभी पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।

भाषा को लेकर विवाद का आरोप

इस घटना ने एक बार फिर बेंगलुरु में भाषा को लेकर होने वाले विवादों पर चर्चा तेज कर दी है। शिकायत के मुताबिक, बसवराज ने कन्नड़ में बात की क्योंकि उसे हिंदी समझ में नहीं आती थी। इसके बाद कथित तौर पर विवाद बढ़ा और मारपीट तक पहुंच गया।

बेंगलुरु देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले लोगों का बड़ा महानगर है। आईटी, स्टार्टअप, ई-कॉमर्स और सेवा क्षेत्र में बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों के लोग काम करते हैं। ऐसे में स्थानीय भाषा और दूसरी भाषाओं के इस्तेमाल को लेकर समय-समय पर विवाद सामने आते रहे हैं।

भाषा को लेकर मतभेद होने की स्थिति में कानून हाथ में लेने के बजाय बातचीत और कानूनी प्रक्रिया का सहारा लेना जरूरी है। पुलिस का कहना है कि मामले में लगाए गए आरोपों की जांच तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

डिलीवरी कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी सवाल

यह घटना शहर में देर रात और तड़के काम करने वाले डिलीवरी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े करती है। क्विक-कॉमर्स और फूड डिलीवरी सेवाओं के विस्तार के साथ बड़ी संख्या में कर्मचारी रात-दिन अलग-अलग इलाकों में सामान पहुंचाने का काम करते हैं।

डिलीवरी कर्मचारियों को कई बार सुनसान सड़कों, अपरिचित इलाकों और देर रात की परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। ऐसे में किसी विवाद की स्थिति में उनकी सुरक्षा बड़ी चिंता बन सकती है।

बसवराज भी कथित घटना के समय अपना काम पूरा करके लौट रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद किस बात से शुरू हुआ और मौके पर वास्तव में क्या हुआ था।

CCTV और अन्य साक्ष्यों की जांच संभव

पुलिस मामले की जांच के दौरान घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल सकती है। फुटेज से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि घटनास्थल पर कौन-कौन लोग मौजूद थे और विवाद किस तरह बढ़ा।

इसके अलावा पुलिस शिकायत में दर्ज आरोपों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट समेत अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच कर सकती है। यदि मारपीट की पुष्टि होती है तो संबंधित धाराओं के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का प्रयास है कि पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए और किसी भी पक्ष के साथ पूर्वाग्रह के बिना कार्रवाई की जाए।

शिकायत के बाद जांच जारी

फिलहाल बसवराज की शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना में कथित रूप से शामिल लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि महानगर में अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले लोगों के बीच आपसी संवाद और सम्मान कितना जरूरी है। भाषा किसी व्यक्ति की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती है, लेकिन भाषा के आधार पर विवाद को हिंसा में बदलना गंभीर मामला है।

पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था और मारपीट के आरोप कितने सही हैं। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल कर रही है।

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